अहसास
बहुत जरूरी है रिश्तों का अहसास होना मिलना जुलना है बहुत जरूरी रिश्ते नही तो कुछ भी नहीं सुख दुख व दर्द का अहसास है बहुत जरूरी रिश्तों में... भावनाओं की कद्र करना भी है जरूरी मन की गहराइयों से अहसास रिश्तों का स्पर्श मन का मन से रिश्तों में है बहुत छोटा सा शब्द अहसास अर्थ व भाव बहुत गहरा होत है।। बीबी का पति से रिश्ता हो या भाई भाई का रिश्ता हो जीजा साली साला का रिश्ता हो बेटा व बेटी व माँ बाप से रिश्ते हो या सास ससुर का दामाद से रिश्ता हो या सरहज से रिश्ते की बातें या चाचा चाची व दादा दादी का अहसास होना है बहुत जरूरी चाहे दूर हों या पास .. मिलना बिछड़ना फिर मिलने बिछड़ने का ये सिलसिला रिश्तों में लाता है है जिसके लिए एक शब्द अहसास।। कभी ठहरना इस दौड़ती जिंदगी में एक पल जरूर निकलना रिश्तों खातिर शांत चित मन से गौर करना इन रिश्तों के भित्तर के भावों व अनुभूतियों को।। हंसी मुस्कुराहट रोना तड़पना भी होता मन से रिश्तों में।। यही तो अहसास है रिश्तों का।।।