शिक्षक दिवस
आज शिक्षक दिवस है ।।वक़्त ठहरा हुआ हुआ सा लगता है।। जीवन के पीछे वाले पन्नो को देखने की कोशिश करता आज।। लगता है जैसे कल की ही बातें हो जैसे कक्षा दो की शुरूवार हुई थी तब साल शायद तिरासी का रहा होगा लगता है फिर भी कल की बात हो जैसे क्रिस्चियन विद्यालय भोजपुर कुछ भी नही आता था तब मेरे को पहाड़ा जरूर चालीस तक मुंहजबानी याद हूआ करता था उन दिनों मेरे को अंग्रेजी का तो कुछ भी नही नमन करता आज बसंत बाबा को जिन्होंने सिखाया अंग्रेजी पढ़ना व लिखना ..... आज नही है बसन्त बाबा हमारे बीच लेकिन तरोताजा है यादें आज भी ये यादें ही है जो नही छोड़ती कभी भी जब तक श्वास हो शरीर मे ये यादें है सिस्टर लोरेटो की वो बातें व सिखाई सिस्टर लूना भी क्या कम थी लाजबाब था पढ़ाने का तरीका परमेश्वर के वो उपयोगी कक्षाएं मेरा प्रणाम परमेश्वर जी ढकाईच को।। फिर चौकियां वाले रामबिहारी को कैसे भूल हु सकता।। जो आजकल दुबई में है।।चाहे डुमराव वाले तिवारी जी हो या भानुप्रताप ऐसे सभी शिक्षकों को मेरा प्रणाम प्रभात भैया के वो सवाल तब बताओ बीजगणित का वो सूत्र तब नर्वस भी हो जाया करते थे अजय भैया ...