ज्योतिष और गुरुजी

 मैं कर्मा और केवल कर्मा में बिश्वास करनेवाला था और हूं भी!

एक भगवान में आस्था रखनेवाला..किन्तु पूजा और दूसरे परम्पराओं में थोड़ा कम बिश्वास करनेवाला एक आम आदमी!! ये पांच नवंबर 2023 का दिन था जब मेरे जीवन में एक सुनामी की दस्तक हुई और मैंने अपना हीरा जैसा चौदह साल का बेटा Medica Mukundapur अस्पताल में इलाज के दौरान खो दिया!!

4th नवंबर 23 को गुड्डू पंडि जी ने बता दिया था मेरे बेटे के बारे मे कि उसका और आयु नहीं दिख रहा उसकी कुंडली में...केवल 10% संभावना है उसको बचाने का!!

भविष्य बताने का ये गणना ठीक साल महीना समय और जन्म स्थान के आधार पर पंडि जी द्वारा किया गया था और सबसे महत्वपूर्ण बात ये सब बातें कोलकाता से दूर औरंगाबाद बिहार से पंडि जी बता रहे थे जब हमारे दोस्तों और परिचितों ने महामृत्युंजय जाप करने के लिए उनसे संपर्क किया जो हिन्दू धर्म में जीवन रक्षक मंत्र के रूप मे जाना जाता है!!किन्तु उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया क्योंकि यदि बीच में कुछ होने से दूसरे सदस्य के उप्पर आघात हो सकता है और शायद हमारे ग्रंथों में ये वर्णित है फलस्वरुप पंडि जी केवल पाठ करने को राजी हुए 5th नवंबर सुबह को वो भी केवल औपचारिकता खातिर!!

मेरे को ये सब मालूम तब चला जब मेरे दोस्तों और प्रेम करनेवालों ने मुझे बताया पैतृक घर से लौटने के बाद!!

सुनामी बीत जाने के बाद दर्द की असीमित पीड़ा के बीच हमने पंडि जी से संपर्क कर कोलकाता वाले घर आकर आवश्यक पूजा और हवन करने का अनुरोध किया!!18th दिसम्बर की तारीख तय हुई...

18th दिसम्बर को पूजा और हवन संपन्न हुआ...शाम को पूजा संपन्न होने के बाद पंडि जी ने कुछ बातें बताया....प्रधान जी ये मेरी गारंटी है कहीं लिख लीजिए दिसम्बर 2024 के पहले आपके घर में फिर से खुशी का आगमन होगा यानी उनका इशारा न्यू बेबी के जन्म की तरफ था!!

अगले महीने पत्नी किरन ने आखिर खुश खबरी दी और असहनीय पीड़ा के बीच जीने का मानो एक बहाना भगवान ने दिया हो!!

तीन महिने बाद बाद फिर से पंडि जी से संपर्क किया..वैसे वो लगातार हमारे संपर्क में या यूँ कहें तो हमारे दर्द में एक गाइड का रोल भी निभा रहे थे....

मैं: पंडि जी हमलोगों के जीवन कौन दस्तक देनेवाला है बेटा या बेटी..हमलोग कोई जांच नहीं करायेंगे जो आएगा ईश्वर का आशीर्वाद समझ स्वीकार कर लेंगे...पंडि जी: तीन दिन बाद बोले आपलोगों को जीवन में वही आ रहा है जिसके मिलने से आप और आपकी पत्नी खुशी के चरम सीमा को छु लेंगे!!ठीक वही हुआ 23rd सितम्बर 24 को....

किरन का एकदम सही वाला डिटेल्स दिया हुआ था पंडि जी को!!

सातवां और आठवें महीने में मेरी नींद गायब हो चुकी थी...तबियत को लेके चिंतित तब शायद बच्चा की बात मन से गायब हो चुकी थी केवल किरन का सब ठीक ठाक रहे यही खयालात मन को बेचैन कर रहा था....

फिर पंडि जी ने निश्चिंत करते हुए बोले..प्रधान जी आप ओवर confident रहिए...कुछ नहीं होगा किरन को...उसकी जान को कोई खतरा नहीं है!!कोई महामृत्युंजय जाप या पूजा करने की आवश्यकता ही नहीं है!!!केवल अपना काम करते रहिए!!

ठीक वैसा ही हुआ....सबकुछ ठीक ठाक से हो गया!!

हम दोनों एकदम नर्वस थे...भीतर से पूरी तरह से टूट गए थे इस अकल्पनीय सुनामी की वजह से!!बहुत तरह के उतार चढ़ाव जीवन में देखा और सामना किया किन्तु अपने बच्चे को खोने से बड़ा दर्द शायद नहीं है इस मनुष्य जीवन में!!

एक समय जब हम पूरी तरह से अंधेरे से घिरे हुए थे...ऐसे कठिन समय में गुड्डू पंडि जी का आसपास होना या उनका मार्गदर्शन अंधेरे में एक प्रकाश की किरण जैसा था!!इसके अलावा बहुत सारे astrology के प्रोफेसर के वहाँ गया जैसा एक पीड़ा में पड़ा हुआ आदमी कर सकता है किन्तु कोई कुछ भी बोल नहीं पाया!!

बहुत बहुत धन्यवाद गुड्डू पंडि जी का जिन्होंने एक गुरु जैसा हमलोगों का मार्गदर्शन किए जब हमलोग अंधेरा से घिरे हुए थे....दस महिने हो गया है Ayansh Pradhan और Devansh Pradhan के हमलोगों के जीवन मे आए हुए!!

एक तरफ असहनीय पीड़ा और दूसरी तरफ खुशी जो हमारे अस्तित्व को बचाने में निरन्तर मदद कर रहा है!!

पिछले साल अक्तूबर दुर्गापूजा  शायद दस अक्तूबर 24 को पंडि जी ने एक और भविष्य वाणी किए दोनों बच्चों में से एक बच्चा प्रधान जी आपके उस बच्चे जैसे होगा जो छोड़कर चला गया!!पता नहीं बोलना चाहिए या नहीं किंतु ये वाली बात भी हूबहू सत्य होती दिख रहीं है!!

ये सब बातों को शेयर करने का उदेश्य उनलोगों को गाइड करना या एक आशा की किरन उनके भीतर जगाना है या एक प्रेरणा का काम करना है जो भयानक अंधेरे और असहनीय पीड़ा से घिरे हुए हों!!सकारात्मकता के साथ यहाँ से भी जीवन को फिर से जिया जा सकता है!!हमलोगों के पूर्वजों द्वारा लिखे गए ग्रंथों और किताबों को सहेजे जाने और जीवन में अपनाने की जरूरत है!!

ब्राह्मणवादी सोच का विरोध करते-करते बहुत सारे लोग मनुष्य जीवन को मार्गदर्शन करने वाली बातों या ज्ञान को नजरअंदाज कर देते है जो ठीक नहीं है.....माना बहुत सारे दिग्भ्रमित करनेवालों की बहुतायत है किन्तु इस गणना को इस विद्या को सहेजने और जीवन में अपनाने की जरूरत है!!कोई भी इंसान जो ऐसी विद्या या ज्ञान की जानकारी रखता है उसकी मार्गदर्शन स्वीकार करने की जरूरत है!!सही मायने में लोगों को उनके जीवन खासकर मुश्किल वक्त में गाइड करने की क्षमता है इस ज्ञान में जो हमारे पूर्वज इस्तेमाल करते रहे है  !!

गुड्डू पंडि जी से  उनका मार्गदर्शन लिया जा सकता है!!


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