लफंगों की भाषा
नहीं आती लफंगों की भाषा हमे
हम तो प्यार मोहब्बत की भाषा वाले
लफंगों को उनकी भाषा उन्हें ही मुबारक
चिर फाड़ की बात करनेवाले मुबारक हो उन्हें
मेरी शालीनता ही काफी है अपने देश खातिर
दलितों को उनके घरों में घुस नपुंसकता दिखाने की
ये भाषा हो या कम्युनिस्ट चरित्र वालों से नफरत
ये लफंगों की भाषा नफरती लोगोँ को मुबारक!!
शिक्षा और मानवतावादी की बातें समझना
इनके बूते की बात नहीं.!
हम तो प्यार मोहब्बत की बड़ी सोच वाले
नफरती सोच वालों से कोसों दूर ही सही!!
शिक्षा जगत संग जुड़ाव और नफरत की भाषा
कभी कभार घिन भी तो कभी तरस भी आत है!!
जहाँ बच्चे इंसान बनने आते पढ़ाई संग !!
वहां भी नफरत का आलम!!
हम ठहरे प्रेमी और देशप्रेमी मानवतावादी
इतिहास उठाकर देख लेना हमेशा ही ये राक्षसी
और लफंगों भाषा वाले नफरत फैलाने वाले
पराजित किए गए है प्रेम रूपी हथियार से!!!
झूठे रामराज्य की बात करनेवाले मतलब भी नहीं
जानते होंगे मर्यादापुरुषोत्तम की राजनीति और उनकी बातें
उनके काम जो उचित अनुचित आधारित तब
मनुवादी मानसिकता से ग्रसित ऐसे कुंठित लोग!!
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