आम आदमी और मैं !
एक आम आदमी किन्तु तूफान लिए घूमता हूं
बहुत समय मौन भी जरूरी अगले दंगल खातिर
दिल जीतने की कोशिश वाले हम
मन्दिर मस्जिद गिरिजाघर भीतर ही लिए घूमते है
मन के भीतर ही ये सभी एक साथ घूमते है
स्वतन्त्रता सेनानी का बेटा हूं तूफान लिए घूमता हूं
देशभक्ति की कूट कूट के भावनाओं का कोई प्रमाणपत्र
ना चाहिए किसी फेंकने वाले झूठे जुमलेबाजों से
मैं ओडिशा या बिहार या राजस्थान या बंगाल नहीं ..
पूरा हिन्दुस्तान लिए घूमता हूं और विचारो का तूफान लिए घूमता हूं!!!
मौन हो जाया कर्ता हूं क्यूँ की दिलदार हूं !!
प्यार मोहब्बत का पैगाम लिए चलता हूं
किन्तु प्यार मोहब्बत को कमजोरी ना समझ लेना
मन मे विचारो का तूफान लिए घूमता हूं
जानबूझकर किसी को पीड़ा नहीं दिया करता
किन्तु परीक्षा लेनेवाले को विचारों का पैगाम दिया कर्ता हूं!
दो हाथ पैरों वालों को इंसान देखा कर्ता हूं
मन मे तूफान सा अंगार लिए चलता हूं...
विद्यालय को सबसे बड़ा मन्दिर मस्जिद गिरिजाघर
अंगीकार किया कर्ता हूं!!!
दबंग जाती में पैदा हुआ फिर भी इंसान बना फिरता हूँ
स्वतंत्रता सेनानी का बेटा विचारों का अंगार लिए चलता हूं..
आजादी की लड़ाई में अंग्रेजो के साथ खड़े होने वालों से
कोई प्रमाणपत्र नहीं लिया कर्ता हूं!!
विचारों का तूफान लिए चलता हूं.!!!!
मौन हो जाया कर्ता हूं क्यूँ की सभी अपने से दिखते है
फिर भी विचारों का अंगार लिए घूमता हूं
कवि की सोच के साथ मानवतावादी भी हूँ
प्यार मोहब्बत का पैगाम भी किन्तु मौन धारी भी....!!!
एक आम आदमी किन्तु तूफान लिए घूमता हूं!!!
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