समय औऱ अंग्रेजियत
कहते सुना हूं बहुतों को समय और पैसा
बदल देता है .....
लेकिन किसी नियम का अपवाद भी हुआ होत है.....
क्या और कैसे ये मुमकिन होता होगा
आसपास कुछ अँग्रेजी मानसिकता वालों को देख नहीं बिश्वास होत कैसे ये दोस्त
आज भी वही स्वभाव वही मजाकिया अंदाज वही जिंदादिली....
बड़ी कंपनी में बड़ा मुकाम फिर भी
मिलने जुलने उठने बैठने का वही अंदाज
वही सादगी....
यहां तो कुछ अंग्रेज जैसा व्यवहार करते नजर आते है जो लूटकर ही सही किन्तु पैसा जमा कर लिए है.....
धन्य है हे धरती मां कैसे अलग अलग लोग अलग अलग स्वभाव वाले मिल जाते है यही आसपास...
बड़ी कंपनी में डायरेक्टर लेवल का मुकाम
किन्तु ना घमंड ना दिखावा वही सजगता रिश्तों प्रति.....
थोड़ी देर बैठ क्या लिए संग भूल ही गया मैं अपने आप को....
हँसने हँसाने का वही स्वभाव एक पल ऐसा लगा वही बीस साल पहले वाले कालखंड को छु रहा हूं.....
सही कहा गया है रिश्तों संग सजगता ही
सफ़ल जीवन की कुंजी है....
खुशी प्रसन्नचित मन ही असली जीवन है.....
सालों बाद भी वही स्वभाव वही अंदाज जब एक जैसा लगे तब ये महानता है
अन्यथा कुछ अंग्रेज मानसिकता वाले..
लालकिले जैसा घेराबन्दी कर लिया करते है अपना....
सबको जाना है यहां से सब छोड़ छाड़ के
ये जानते हुए भी कुछ अंग्रेज बन जाया करते है किन्तु मेरे लिए jayanto da बीस साल पहले वाला आज भी.....
प्रधान का कवि मन तो यही देखा यही पाया....
Thanks God.....
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