स्वाधीनता की 75th दिवस
बचपन से राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत देशभक्ति के गाने
और कहानियां सुनते रहे समझते रहे ...
बाबुजी से गांधी जी या बापू की ढेर सारी बातें
सुनता रहा जानता रहा किताबों में भी पढ़ा
कितने लोगों की शहादत हुई इस आजादी को
पाने खातिर.....
मेरे बाबुजी भी तब रेल्वे की पटरियों
या आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिए करते थे..
तब के लोग जो अच्छा लगा लड़े व हासिल किए
आज याद करना भी और गुस्से का आग भी
भीतर पैदा होना चाहिए....
जो सपना हमारे लोगों ने तब देखा था वो
आज के चोर या भ्रष्ट नेताओं के हाथों में कहाँ
भला सुरक्षित....
दिन रात लूट खसोट वाले नफरत फैलाते
ये दो कौड़ी के नेताओं से बचाना भी देशभक्ति
तब भी हम भारतीयों को फुट डालने का काम
अंग्रेज करते रहे और आज भी बदस्तूर जारी
याद कर लो उन शहीदों को जरा आंख मे भर
लो पानी पहचान लो आज के गद्दारों को
अच्छे लोगों को राजनीति में उत्तर जाना होगा
गंदगी साफ नहीं हुई यदि.. तब इस आजादी के दिन
का मतलब भी खत्म हो जाएगा.....
एक एक बच्चे को शिक्षित करना और एक एक लोग को
अच्छा स्वास्थ्य सुविधाएं देना आज की सबसे बड़ी जरूरत
रिश्वत या भ्रष्टाचार को खत्म करने खातिर जोर
लगाना होगा सबको मिलके....
लोग मुहाल है आधारभूत सुविधाओं की खातिर आज भी
प्रण लेने का ये दिन भी है आज अपने देश की खातिर
तिरंगा झंडा ऊंचा रहे हमारा शान से जब सबको सब
सुविधा हमलोग दे पाएंगे जब शिक्षा और स्वास्थ्य सबको
दे पाएंगे तभी आजादी का मतलब जिंदा रह पाएगा...
झूठे भाषणों और जुमलेबाजों को पहचान लो लोगोँ
तभी शान से हमारा तिरंगा ऊंचा रह पाएगा.....
प्यार मोहब्बत के साथ लोगों को गले लगाने
कि राजनीति और भाईचारा...
ईमानदार राजनीति की परिकल्पना यदि साकार कर पाएंगे
तभी हमारे शहीदों का सपना साकार कर पाएंगे.....
फिर जब पूरे राष्ट्र को शिक्षित कर पाएंगे
तभी शान से हमारा तिरंगा ऊंचा रह पाएगा......
प्रण लेने का भी समय है आज आओ लेते है शपथ
चोरों और नफरतियों को जब हम राजनीति से भगा
पाएंगे तभी शान से हमारा तिरंगा ऊंचा रह पाएगा
जो जिस काम में हो ईमानदारी से करने का प्रण
ले लो आज और यही सची देशभक्ति होगी....
नेता शिक्षक डॉक्टर आम आदमी सबको
ईमानदारी की कसमे खाने का भी दिन है आज
यही हमारी सचि देशभक्ति होगी यदि हम ईमानदार
तरीके से अपने कामों को कर पाए तो......
प्रधान.......
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