हीरा
अपनी नजरों से पूछ लेना तुम हीरा हो क्या
यदि हां में जवाब मिल जाये तब समझो वही
असली शुद्ध स्वाभिमानी जीवन है।।
मैं अपने मन का हीरा हु...
औरो से क्या पूछूंगा जब मेरा मन मेरे साथ हो
चमकते दमकते चलते रहना जीवन मे
केवल जोहरी ही जानता है हीरा की होती क्या कीमत है
अपना मन ही जोहरी है इस हीरा की खातिर
यदि मन दहाड़ दहाड़ के बोल रहा हो हीरा
अच्छे काम अच्छे मन से सदा चलना चाहिए
साफ नियत व खुले विचार भी है जरूरी
बस किसी और को जोहरी ना लेना समझ
अपना मन कभी बेईमान जोहरी ना होगा
अपना सही आकलन वही कर पायेगा
तब क्या सोच क्या विचार।।
यहां फेंको या वहां फेंको कोई फर्क नही होनेवाला
हीरा तो होत हीरा यहां हो या वहां।।
खुद को खुद की कसौटी पे कस के परखो
यदि मन बोले कि तुम हीरा हो तब सही में हीरा हो।
अपनी चमक सदा बिखेरते रहना।।
जियो शान से निज की जिंदगी ऐ राहगीर
ये जीवन तुम्हारा है तुम्हारा ही रहेगा
औरों को तभी सुनो जब मन इजाजत दे
गांधी को भी पढ़ो नेहरू को भी
सबको पढ़ना किताबों में या जीवन मे
किन्तु अपने आप को पढ़ना व समझना ना भूलना
अपने मन का गांधी खुद को बनाना ऐ राहगीर
ईमानदार पथ पर चलते रहना
निडर निर्भय स्वच्छन्द आगे चलते रहना
सुनना सबका किन्तु करना अपने सच्चे मन की
क्युकी सच्चा जौहरी केवल और केवल अपना मन
होत है ऐ राहगीर...
मैं तो अपने मन का राजा या गांधी हूं
ऐ अज्ञानी राहगीर तुम भी राजा अपने मन का
हो लेना !ना सुनना किसी और का ग्यान....!!!
सबका जीवन केवल उसका जीवन है ऐ राहगीर
मैं तो अपनी मिट्टी का लाल हूं ऐ पथिक
कोई पैदा नहीं हुआ होगा जो डिगा पाए निज को
प्रेम और मोहब्बत का पुजारी किन्तु स्वाभिमान
तो स्वाभिमान!!
👌
ReplyDeleteReally proud to be ur student sir 👌🏻
ReplyDeleteExcellent 👌🏻👌🏻👌🏻
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