सर का जन्मदिन
ये मशीन वाले जमाने मे भी एक मीठी हंसी वाले लोग का मिलना भी क्या खूब है।।
सरल स्वभाव व मधुर वाणी से लबरेज..
एक अपने बॉस का जन्मदिन को मैं
यूं ही याद करना चाहूंगा।।
वैसे ही हंसके मिलना बात करना
वही सुनने की लाजवाब कला आज भी
अभी मिस्टी मिला तब याद आया आज
सर का जन्मदिन है शायद हो गए हम
मशीन है पलभर को ऐसा लगा।।
बिस सालों से वही आवाज़ वही अंदाज़
समोसा खाया मिठाई भी खाया
यादों के पिटारा में यादों को खोज रहा
फिर घूम फिर वही हंसी वही मुस्कान
मेरे को मिल रहा।।
रही होंगी बहुत सारी खट्टी मीठी बातें
किंतु घूम फिर वही सरल स्वभाव
मन मस्तिक में याद आ रहा है ।।
एक आम कर्मचारी प्रधान इस संस्थान का
यादों को समेट रहा है व सर के जन्मदिन
को ढेर सारी शुभकामनाएं जुटा रहा है।।
कभी सेंट्रो तो कभी हौंडा सिटी वाले ये सर को
जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां।।
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