कोशिश मन की
भगवान ने बड़े प्रेम से बनाया होगा हम इंसानो को ।।
प्यार में जो शांति व आनंद वो जलन व प्रतिक्रिया में कहां......
प्यार के रूप को समझना होगा
बहुत सारे तरह के होते ये प्यार है
किंतु मीठी बोली मीठी बातें
मीठा व्यवहार ही मानव जीवन है
मैं तो आम आदमी था वही रहूंगा
वही प्यार व मोह्हबत की बातें करनेवाला
वही नकारात्मकता को पी जानेवाला
अमृत की वाणी बोलने की कोशिश वाला
क्यों होता ये प्रतिक्रिया मन के भित्तर से
कभी इस प्रतिक्रिया को पी के देख लो
कभी क्रोध को पी के देख लेना
कभी प्यार के सागर में एक डुबकी लगा लो।।
धन्य हो जाएगा ये हमारा जीवन।।
हम ये किये हम ये कर दिए
ये होत अहंकार की भाषा है।।
कौन है हम ऐसा बोलनेवाले
अपने लिए तो जीते सभी है
क्या नई बात है इसमें
बड़ा घर खरीद लिए गाड़ी ले ली
सजा लिया घर को महंगे सामानों से
क्या तीर मार लिया
अपने लिए जीते तो सभी है......
मन की बातों को कही लिखके
मन को शांत करना भी तो जीवन है
इसी कोशिश में लगा हुआ एक आम आदमी।।।।
किसी और को बोलके या सुनाके क्यों
दुखी करना किसी का मन ।।
जीने का ये तरीका भी पता नही
क्यों भाने लगा है मन को।।
किसी की बातों से थोड़ा तकलीफ
हुआ तो मन को यूं ही कर लिया शांत
प्यार से अभिव्यक्त करने का ये तरीका
पता नही क्यों अच्छा लगने लगा मन को।
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