मीठी मुस्कान

 मीठी मुस्कान

क्या है ये स्वच्छंद मुस्कान

जीवन की सबसे बड़ी अनमोल धरोहर है 

जीवन को गतिमान बनाने का हीरा है ये

गया था एक बगीचा में घूमने किसी मकसद से...

दो सुंदर सुशील तितलियों की मुस्कान 

अजीब मंत्रमुग्ध आनदविभोर वाली 

थी वो मुस्कान दोनों तितलियों की

मैं खड़ा अवाक देखता रहा निहारता रहा

पल भर लगा जैसे किसी स्वर्ग रूपी

दूसरी दुनिया का दर्शन कर रहा जैसे

रंग बिरंगे पंख चार चांद लगा रहे जैसे

नयनों की चमक क्या खूब नशीली 

सोचता रहा पल भर को मगन होके

होते दर्शन बहुत विरले ही ऐसी मीठी

मुस्कानों के....

नही पता क्यों लोग करते है नशा सेवन

ये मीठी मुस्कान का आनंद विभोर दृश्य

जैसे किसी और दुनिया का हो जैसे

इतनी स्वछंद उन्मुक्त मुस्कुराहट इनकी

इतनी भोली व चमकती आंखें 

ये सपना था या हक़ीक़त सोचता हुआ 

तब तक किसी ने आवाज़ लगाया जैसे

फिर मैं चलता रहा सोचता रहा

स्वार्थी मुस्कान हु देखा व्यंग्य वाला भी

लाइन मारनेवाला मुस्कान भी हु देखा

ये मीठी मुस्कान स्वच्छंद व उन्मुक्त 

नही हो रहा था विश्वास निज को।।

जो भी हो मन आनंदविभोर हो गया

इतना ताकतवर ये मीठी मुस्कान

ना था कोई अहसास मुझे इसका

कोई भी ढेर हो जाये कायल हो जाये

धन्य हो प्रभु जिसने इस धरती को बनाया

ऐसी ताकतवर एक मुस्कुराहट होगी 

ना था इल्म मेरे को हे प्रभु।।

धन्य है आपकी अपरम्पार लीला 

एक पल ठहरा सोचता रहा 

नही हो सकता कोई इससे ताकतवर 

ये मीठी स्वच्छंद उन्मुक्त मुस्कान

वो काले काले सुंदर दिखती आंखे

आकर्षक मनमोहक व तीव्र समावेशित।।

हे प्रभु इंसानो को भी इतना ताकत देना

बिन स्वार्थ मीठी मुस्कान दे पाए

इतनी शक्ति दे देना हे दुनिया के रचयिता

एक मीठी मुस्कान हो यदि मार्गदर्शक।।

एक मीठी मनमोहक हंसी जरूर दे देना

यदि हो रहा हो कल्याण किसी के जीवन का।।

तितलियां हंसी मुस्कुराहट व मीठी मुस्कान।।

तभी स्वप्न से उठ बैठा मैं।।

ये स्वप्न ही अच्छा था हे प्रभु

कहा कहा से कर लिया दर्शन ।।।

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